Wednesday, March 10, 2010

आरक्षण

क्या आरक्षण आज भी जरूरी है? कहने को तो हम देवेलोपेद होते जा रहे हैं। मई तो कम से कम सहमंत नहीं हूँ। हमने आरक्षण का राजनितिक लाभ उठाने की भरपूर कोसिस की है। इस आरक्षण इतना तो तय है की किसी महिला कोई उठान नही होने वाले क्यांकि हमारी सोच उस तरह नहीं है। आज का राजनितिक परिदृस्य इसका सटीक उदाहरण है। हमने देखा है की मंडल कोम्मिसिओं लागु करते वक़्त काफी विरोध भी हुआ था , इसका मतलब ये नहीं लगाना चैये की विरोध कुछ विशेष वेर्ग द्वारा ही किया गया था। बल्कि उसमे एक सन्देश भी था हम अगार बदल रहें हैं हमे आरक्षण रूपी सीडी की जरूरी नहीं । आज अगर हम ग्लोबल वर्ल्ड में धक् जमाना चाटें हैं तो हम अपने आप में बदलाव लाना पड़ेगा । और ये आरक्षण कई आरक्षण को जन्म देगा और ये केवल सामाजिक मुद्दा बनकर रह जयेगा । आज इसी सोच का परिणाम है की आज तक हम अपनी जमीं पाकिस्तान से वापस नहीं ले सकें हैं। हम केवल अपने में लड़ना जानते हैं। ये आरक्षण रूपी राक्षस को बंद होनी चैये और इसका वैकल्पिक रास्ता तलासना चैये .

3 comments:

  1. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  2. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

    कलम के पुजारी अगर सो गये तो

    ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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  3. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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